Cleanliness: Road to Health

“Cleanliness is next to godliness.” We have been incorporated with this thought since time immemorial. India, being the ancient land of seekers, which gave the world one of the first civilization, was characterized by the cleanest and greenest cities [1] [2]. With time, an amalgamation of new cultures take place Read more…

मानसून: जीवन का रूपक

“एक पईसा की लाई, बाजार में छितराई, बरखा उधरे भिलाई।” बचपन से मानसून का सामना इन्हीं पंक्तियों के स्वतः उच्चारण के साथ होता था। मौसम की पहली बारिश के साथ ही धरिणी की शुष्क तपिश शांत होती है और एक नया चक्र प्रारंभ होता है; तापमान में कमी एवं बारिश का। बारिश जो Read more…

विशिष्टाद्वैतवाद : एक दर्शन

कुछ दिनों पहले अली सरदार जाफरी साहब द्वारा रचित पुस्तक कबीर अमृत वाणी पढ़ने का सुअवसर मिला. काफी अच्छा लगा. एक बात गौर करने वाली मैंने देखी इसमें जो परमात्मा के स्वरूपों की व्याख्या कर रही थी. पुराने समय से ही हमारा समाज आत्मा और परमात्मा के स्वरूपों की व्याख्या Read more…

ज्योतिर्मा तमस गमय

इस संसार में सारी स्थितियां अपने साथ एक नकारात्मक भाव रखती हैं. सुख है, तो दुःख भी, अमीरी के साथ गरीबी सन्निहित है, यथा ही प्रकाश के साथ अंधकार भी सतत गतिमान है. इसी सन्दर्भ में स्मरण में आते हैं अँधेरे के कवि, फ़िराक गोरखपुरी जी. फ़िराक साहब ने अपनी Read more…